भाग - 9 पंचायत - अनुच्छेद 243 - 243 ण

 भाग - 9 



अनुच्छेद 9 में पंचायत के बारे में चर्चा की गई है। 


जवाहरलाल नेहरू ने 1952 में सामुदायिक विकास का कार्य प्रारंभ किया था। 


1957 में बलवंत राय मेहता समिति का गठन किया गया। इसी समिति के सिफारिश पर 2 अक्टूबर 1957 को राजस्थान और नागौर में पंचायती राज की शुरुआत की गई। बलवंत राय मेहता समिति के आधार पर तीन स्तर का पंचायत बनाया गया। 


i) गांव के स्तर पर 


ii) ब्लॉक के स्तर पर 


iii) जिला के स्तर पर


पंचायती राज बनाने के लिए राज्यों की जनसंख्या कम से कम 20 लाख होनी चाहिए अगर उससे कम हुआ तो उस राज्य में पंचायती राज एनजीजे बनेगी। पश्चिम बंगाल में 4 स्तर का पंचायत है , मेघालय , मिजोरम , नागालैंड में एक स्तर का पंचायत है। 


पंचायत का सदस्य बनने के लिए उम्मीदवार की आयु कम से कम 21 साल होनी चाहिए। 


पंचायत के सभी स्तर पर महिलाओं के लिए 1/3 सीट रिजर्व होती है। बिहार में 1/3 के जगह 50% सीट रिजर्व है। 


अगर मुखिया को त्यागपत्र देना होगा तो वह अपने जिला पंचायत अधिकारी को देगा। 


पंचायत का कार्यकाल उसकी पहली बैठक से 5 साल तक होता है। 


पंचायत सदस्य की खाली सीट को दुबारा चुनाव करवा कर 6 महीने अंदर भरना होता है। 


पंचायत के तीनों स्तर का चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग को करना होता है। 


पंचायत के सदस्य को हटाने के लिया 15 दिन पहले जिला पंचायत अधिकारी को सूचना देना पड़ता है और 2/3 बहुत से प्रस्ताव को भी पारित करना पड़ता है। 


पंचायत के बैठक हर 2 महीने में होना अनिवार्य होता है। 


पंचायत सदस्य : 

➤ सरपंच और पंच - जिसे नायपालिका कहा जाता है। 


➤ मुखिया और वार्ड सदस्य - कार्यपालिका कहा जाता है। चौकीदार


➤ ग्राम सेवक , जिला पंचायत अधिकारी , बीडीओ 


➤ लेखपाल 


➤ अमीन







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